कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट के खुलासे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। फरार चल रहे डॉ. रोहित, डॉ. अली और डॉ. अफजाल को वांटेड घोषित करते हुए प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। अब तक इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए गरीब लोगों को लालच देकर किडनी डोनर बनाता था। मामला तब उजागर हुआ जब केशवपुरम के एक निजी अस्पताल में मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। जांच में सामने आया कि बिहार के बेगूसराय निवासी युवक ने बिचौलियों के जरिए अपनी किडनी बेची थी, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
पुलिस जांच के दौरान एक वायरल वीडियो भी सामने आया है, जिसमें डॉ. अफजाल नोटों की गड्डियों के साथ दिखाई दे रहा है। आशंका है कि यह रकम अवैध ट्रांसप्लांट से जुड़ी हो सकती है। इस वीडियो के बाद उसकी भूमिका और संदिग्ध हो गई है और पुलिस इस पहलू पर भी गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड डॉ. रोहित है, जो पर्दे के पीछे रहकर नेटवर्क संचालित करता था। वहीं डॉ. अली उर्फ मुद्दसर अली सिद्दीकी ऑपरेशन से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया संभालता था। गिरोह में ओटी स्टाफ समेत कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और मामले में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।